हेल्प डेस्क: 8 वर्षों में 27 हजार से अधिक लोगों की मदद
शीर्षक:
नेत्रहीनों को दिखा रहे राह, पढ़ाई और योजनाओं की दे रहे जानकारी
रिपोर्टर: दुष्यंत मिश्रा, मुंबई
प्रकाशन: दैनिक भास्कर
दिनांक: सोमवार, 24 अगस्त 2026
हेल्प डेस्क की शुरुआत और उद्देश्य
आकाशा निंबलकर ने केवल एक साल की उम्र में तेज बुखार और तंत्रिकाओं में क्षति के कारण अपनी आंखों की रोशनी खो दी। वहीं, शिरीन खेरवाला जन्म से ही दुनिया देखने में असमर्थ हैं। इसके बावजूद दोनों हजारों नेत्रहीनों को सही दिशा दिखाने में मदद कर रहे हैं।
आकाशा और शिरीन मुंबई के ताड़देव इलाके में स्थित विक्टोरियल मेमोरियल स्कूल फॉर ब्लाइंड से चलने वाले आइडिया हेल्प डेस्क की जिम्मेदारी संभालते हैं। यह हेल्प डेस्क नेत्रहीनों को नौकरी, पढ़ाई के विकल्प और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराता है।
8 वर्षों में 27 हजार से ज्यादा लोगों तक मदद
सिप्ला फाउंडेशन की मदद से पिछले 8 वर्षों से नेत्रहीनों के लिए यह हेल्प डेस्क चल रहा है। अब तक 27 हजार से ज्यादा लोगों को सीधे मदद पहुंचाई जा चुकी है।
हेल्प डेस्क सोमवार से शनिवार तक खुला रहता है।
हेल्पलाइन नंबर: 8800004334
संपर्क का समय: सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक
इसके अलावा महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक और गुजरात के लिए बनाए गए हेल्पडेस्क पर भी तैनात शिरीन और आकाशा से जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
कैसे करते हैं मदद?
आकाशा निंबलकर के अनुसार, नेत्रहीनों के लिए उपलब्ध कई अवसरों की जानकारी उन्हें स्वयं नहीं होती। इसलिए जब भी कोई व्यक्ति हेल्प डेस्क से संपर्क करता है, उसकी जानकारी डेटाबेस में दर्ज की जाती है।
जब सरकारी या अन्य विभागों में नेत्रहीनों के लिए नौकरी के अवसर आते हैं, तो हेल्प डेस्क की टीम संबंधित लोगों से संपर्क करके उन्हें इसकी जानकारी देती है और आवेदन की पूरी प्रक्रिया में मदद करती है।
इसके अलावा टीम लोगों को:
- सरकारी योजनाओं का लाभ कैसे लिया जाए, इसकी जानकारी देती है।
- अलग-अलग सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन करने में मार्गदर्शन करती है।
- पढ़ाई कैसे पूरी की जा सकती है, इसकी जानकारी देती है।
- रोजगार और शिक्षा से जुड़े अवसरों की जानकारी देती है।
- सरकारी विभागों में उपलब्ध अवसरों की जानकारी जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाती है।
77 नेत्रहीनों को नौकरी हासिल करने में मदद
संस्था से जुड़ी लिजी सोली थॉमस ने बताया कि हेल्प डेस्क से मदद लेने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
- वर्ष 2018: हेल्प डेस्क की शुरुआत के समय कुल 3351 नेत्रहीनों ने सीधे संपर्क किया था।
- वर्ष 2025: मदद लेने वालों का आंकड़ा बढ़कर 4202 तक पहुंच गया।
- अब तक हेल्प डेस्क की मदद से 77 नेत्रहीन नौकरी हासिल कर चुके हैं।
- 15 नेत्रहीनों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद की गई।
- 100 लोगों को शिक्षा हासिल करने में सहायता दी गई।
- 100 लोगों को व्यावसायिक/वोकेशनल ट्रेनिंग दिलाने में मदद की गई।
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मुख्य संदेश
यह हेल्प डेस्क नेत्रहीन लोगों को केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, रोजगार, सरकारी योजनाओं और कौशल प्रशिक्षण के अवसरों तक पहुंचने में भी उनका मार्गदर्शन करता है। पिछले आठ वर्षों में हजारों नेत्रहीनों तक पहुंचकर यह पहल उनके लिए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान कर रही है।


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