सातवीं अखिल भारतीय मदनलाल खंडेलवाल स्मृति ब्रेल निबन्ध प्रतियोगिता
सातवीं अखिल भारतीय मदनलाल खंडेलवाल
स्मृति ब्रेल निबन्ध प्रतियोगिता
पाठक जानते हैं कि स्व. मदन लाल खंडेलवालजी वर्षों तक विदेश में रहते हुए भी भारत के दृष्टिबाधितों के लिए कुछ-न-कुछ सोचते ही रहते थे। उनकी सोच रचनात्मक थी। वह उपदेशक नहीं थे, पर कुछ करके दिखाना जानते थे। यह सचमुच सत्य ही है कि उन्होंने एक फकीर का-सा जीवन जिया। अतः उनकी स्मृति को बनाए रखने के लिए परिसंघ हर साल एक ब्रेल निबन्ध प्रतियोगिता का आयोजन पिछले छः वर्षों से कर रहा है।

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